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ऐ दीवानों ,
मेरे इश्क में जल रहे परवानों
अब मुझे भी तुमपे प्यार आ रहा है
तुम्हे तो जला दिया ,
अब मुझमे जल जाने को ये संसार आ रहा है
बड़े नाज़ से पाला था मेरे मालिक नें मुझे
पहली ही नज़र में बना लिया आशिक जो तुझे
फिर कागज़ कि डोली में बिठाकर,
न जाने किस - किस तरह सजाकर
तेरे हाथों में मेरा वजूद दे दिया
तुम्हे लगा तुम जीत गए
पता न था हांथों में आत्मघाती बन्दुक दे दिया
मैं शरमाई , अनमनी सी घबराई
जब तुमने मुझे उठाया
बड़े प्यार से
पहली बार अपने हटों से लगाया
आसमा भी कांपा जमीं थरथराई
हाय तुमने मुझी पर ये बिजली गिराई
मेरे हुश्न का खयाल उसको न आया
जो मचिश की तीली से मुझको जलाया
मैं जल रही थी जहाँ हंस रहा था
जो मैं रो रही थी धुवां हो रहा था
सफ़र के मुशाफिर बयां कर रहे थे
सुबह का उजाला धुवां हो रहा था
मेरे हुश्न के चर्चे आशिकों के हल्ले
गूंज उठे हर ओर गली औ मोहल्ले
हर कोई मुझे अजमाने लगा था
आशिक बन माशूक को जलने लगा था
नशा ही नशा सबपे छाने लगा था
अब तो मुझे भी इस खेल में मज़ा आने लगा था
पुराने आशिक मेरी फिदरत के शिकार हो गए
खांसी दम्मा टीवी
न जाने किन - किन रोगों से ग्रस्त बीमार हो गए
सरकार नें भी सावधान कर दिया
मेरा इश्क न पालने का एलन कर दिया
पर अब भी मेरे मालिक मुझे पाल रहे हैं
हाँ , अपने बचाओ के लिए -
' Injurious to health ' का लेबल जरूर डाल रहे हैं
फिर भी आशिक मेरे दिलदार हैं
अपने ही स्वास्थ के प्रति गद्दार हैं
जो इश्क में खुद को भुला देने को तैयार हैं
मैं बेकशूर क़त्ल किये जा रही हूँ
और आप सब को इस बात का यकीं दिला रही हूँ
अगर न बंद हो सका बिशाक्त गैसों का ये कुआँ
तो रोने लगेंगे सियार हुआन - हुआन
और देखते ही देखते
आप सब की ज़िन्दगी भी हो जाएगी धुआं - धुआं
(-जनहित में जारी-)


1 cigratte ka matlab zindagi ka 1 din khatam krne ke barabar hota hai...agar aapke aacchi soach aur vichaar rakhte hain toh aap kabhi bhi cigratte ko dharan nai krenge...kyuki yeh dheere dheere insaan ko ander se jala deti hai...apne zindagi ko agar swasth banana hai toh in gandi cheezo se door raheyeh...aur aakhir me mai Mr B.B Singh Baduriya ji ko bhut bhut dhyanwaad deti hoon aap iske liyeh badhaai ke patra hai...
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