Wednesday, 4 May 2011

अधिकार का इन्साफ...


सवाल 280 लाख करोड़ का है ...?

   भारतीय गरीब है लेकिन भारत देश कभी गरीब नहीं रहा,..ये कहना है स्विस बैंक के डाइरेक्टर का स्विस बैंक के डाइरेक्टर ने यह भी कहा है कि भारत का लगभग 280 लाख करोड़ रुपये उनके स्विस बैंक में जमा है,ये रकम इतनी है कि भारत का आने वाले 30 सालों का बजट बिना टैक्स के बनाया जा सकता है...या यूँ कहें कि 60 करोड़ रोजगार के अवसर दिए जा सकते है...या यूँ भी कह सकते है कि भारत के किसी भी गाँव से दिल्ली तक 4 लेन रोड बनाया जा सकता है. ऐसा भी कह सकते है कि 500 से ज्यादा सामाजिक प्रोजेक्ट पूर्ण किये जा सकते है. ये रकम इतनी ज्यादा है कि अगर हर भारतीय को 2000 रुपये हर महीने भी दिए जाये तो ६० साल तक ख़त्म ना हो...यानी भारत को किसी वर्ल्ड बैंक से लोन लेने कि कोई जरुरत नहीं है...जरा सोचिये ? इस सिलसिले को अब रोकना बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है...अंग्रेजो ने हमारे भारत पर करीब 200 सालो तक राज करके करीब 1 लाख करोड़ रुपये लूटा,मगर आजादी के केवल 64 सालों में हमारे देश का 280 लाख करोड़ विदेश में गया है,एक तरफ 200 साल में 1 लाख करोड़ है और दूसरी तरफ केवल ६४ सालों में 280 लाख करोड़ है...यानि हर साल लगभग 4.37 लाख करोड़, या हर महीने करीब 36 हजार करोड़ भारतीय मुद्रा स्विस बैंक में
लोगों द्वारा जमा करवाई गई है. भारत को किसी वर्ल्ड बैंक के लोन की कोई दरकार नहीं है...सोचो कि कितना पैसा हमारे राष्ट्र का  ब्लाक करके रखा हुआ है...आखिर क्यों ?...यही देश का धन यदि भारत आ जाये तो हिदुस्तान का हर बच्चा-बच्चा अमीर हो जाएगा ! यहाँ सवाल किसी व्यक्ति विशेष को आरोपित करने का नहीं है और न ही इसे बहस का मुद्दा बनाया जाना चाहिए ये दौलत हिन्दुस्तान की है तो हिन्दुस्तान आनी चाहिए क्यों की सवाल 280 लाख करोड़ का है ?
 

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