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माँ की दवाई का खर्चा, उसे मज़बूरी लगता है
उसे सिगरेट का धुंआ, जरुरी लगता है ||
फिजूल में रबड़ता , दोस्तों के साथ इधर-उधर
बगल के कमरे में, माँ से मिलना , मीलों की दुरी लगता है ||
वो घंटों लगा रहता है, फेसबुक पे अजनबियों से बतियाने में
अब माँ का हाल जानना, उसे चोरी लगता है ||
वो घंटों लगा रहता है, फेसबुक पे अजनबियों से बतियाने में
अब माँ का हाल जानना, उसे चोरी लगता है ||
खून की कमी से रोज मरती, बेबस लाचार माँ
वो दोस्तों के लिए, शराब की बोतल, पूरी रखता है ||वो बड़ी कार में घूमता है , लोग उसे रहीस कहते है
पर बड़े मकान में , माँ के लिए जगह थोड़ी रखता है ||
माँ के चरण देखे , एक अरसा बीता उसका ...
अब उसे बीवी का दर, श्रद्धा सबुरी लगता है ||
माँ की दवाई का खर्चा, उसे मज़बूरी लगता है
उसे सिगरेट का धुंआ, जरुरी लगता है ||
❣ ❣ ❣

गोद में तेरी सर होगा मै वापस कभी ना जाऊँगा।
❣ ❣ ❣
मैं रोया यहाँ दूर देस वहाँ भीग गया तेरा आँचल
तू रात को सोती उठ बैठी हुई तेरे दिल में हलचल
तू रात को सोती उठ बैठी हुई तेरे दिल में हलचल
जो इतनी दूर चला आया ये कैसा प्यार तेरा है माँ
सब ग़म ऐसे दूर हुए तेरा सर पर हाथ फिरा है माँ
सब ग़म ऐसे दूर हुए तेरा सर पर हाथ फिरा है माँ
जीवन का कैसा खेल है ये माँ तुझसे दूर हुआ हूँ मैं
वक़्त के हाथों की कठपुतली कैसा मजबूर हुआ हूँ मैं
वक़्त के हाथों की कठपुतली कैसा मजबूर हुआ हूँ मैं
जब भी मैं तन्हा होता हूँ, माँ तुझको गले लगाना है
भीड़ बहुत है दुनिया में तेरी बाँहों में आना है
भीड़ बहुत है दुनिया में तेरी बाँहों में आना है
जब भी मैं ठोकर खाता था माँ तूने मुझे उठाया है
थक कर हार नहीं मानूँ ये तूने ही समझाया है
थक कर हार नहीं मानूँ ये तूने ही समझाया है
मैं आज जहाँ भी पहुँचा हूँ माँ तेरे प्यार की शक्ति है
पर पहुँचा मैं कितना दूर तू मेरी राहें तकती है
पर पहुँचा मैं कितना दूर तू मेरी राहें तकती है
छोती-छोटी बातों पर माँ मुझको ध्यान तू करती है
चौखट की हर आहट पर मुझको पहचान तू करती है
चौखट की हर आहट पर मुझको पहचान तू करती है
कैसे बंधन में जकड़ा हूँ दो-चार दिनों आ पाता हूँ
बस देखती रहती है मुझको आँखों में नहीं समाता हूँ
बस देखती रहती है मुझको आँखों में नहीं समाता हूँ
तू चाहती है मुझको रोके मुझे सदा पास रखे अपने
पर भेजती है तू ये कह के जा पूरे कर अपने सपने
पर भेजती है तू ये कह के जा पूरे कर अपने सपने
अपने सपने भूल के माँ तू मेरे सपने जीती है
होठों से मुस्काती है दूरी के आँसू पीती है
बस एक बार तू कह दे माँ मैं पास तेरे रुक जाऊँगाहोठों से मुस्काती है दूरी के आँसू पीती है
गोद में तेरी सर होगा मै वापस कभी ना जाऊँगा।
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