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मेरे प्यारे चिरकुंवारो...✍
जब से हमने सुना है आप दोनों को हमसे सियासी इश्क हो गया है हमारा दिल भी आप दोनों के लिये बेकरार है । जब आप करते हैं कपाल भांती और रामलीला मैदान में अनशन कसम से हमे नीद नही आती । फ़िर सुना कि बाबा लखनऊ मे आप को अर्धरात्री को अपनी मेडिकल जांच करानी पड़ गयी और सूना है टीम अन्ना में फूट पड़ गयी तब से मन बड़ा बेचैन रहता है । आप हमे पाने के लिये इतनी मेहनत कर रहें है और इधर हम हमारे मिलन के रास्ते मे आने वाली बाधाओ को लेकर बड़े चिंतित हैं । रूक्मणी की तरह आप हमे जब हरण करने अपने हेलिकाप्टर रथ मे आयें इसके पहले आप को हमारे इतिहास और वर्तमान के बारे मे जान लेना चाहिये।
हमारे महाराज लोकतंत्र ने राजनीति और नौकरी नाम की दो राजकुमारियो से शादी की थी । राजनीति से कांग्रेस बीजेपी और तीसरा मोर्चा नामक तीन पुत्र हुये और नौकरी से अफ़सर और बाबू नाम के दो पुत्र हुये । सब कुछ ठीक ही चल रहा था कि एक दिन आखेट मे महाराज से गलती से इमानदारी नामक गाय का वध कर दिया । श्रापित होकर महाराज का निधन हो गया और उनके साथ नौकरी भी सती हो गयी । राजनीति के बड़े पुत्र कांग्रेस ने स्वयंवर मे मुझे जीत लिया जीतकर जब वह मां के पास पहुंचा तो मां ने आदेश दिया कि पांचो भाई आपस मे बांट लो । तब से आज तक ये पांचो भाई मिल बाट कर मेरा सुख उठा रहे हैं । पर आप चिंतित न होना मुझे उर्वशी की तरह चिर यौवना होने का आशीर्वाद प्राप्त है।
जब आप दोनों मेरा हरण करने आयेंगे तब ये पांचो भाई अपने ठेकेदार दलाल भ्रष्टाचारी आदि महारथी मित्रो के साथ आपसे भीषण युद्ध करेंगे इस युद्ध मे कोई नियम न होंगे। और हां यह बात भी याद रखें इनमे से किसी भी भाई से समझौता आपके पक्ष मे लड़ रहे योद्धाओ को तितर बितर कर देगा। आप जीत भी गये तो एक अड़चन होगी हमने अफ़सर और बाबू की मां से वादा किया था कि हम इन्हे सदैव अपने आगोश मे रखेंगे और इनको नौकर कभी न कहेंगे सदैव अधिकारी कह कर ही बुलायेंगे आप को इन पर स्नेह पूर्वक व्यहवार रखना ही होगा वरना आप हम से फ़िर दूर हो जायेंगे।
पर इन पाखंडवो से मुझे उतना भय नही जितना अपने सौतेले भाई मीडियासुर से है। वह एक ऐसा योद्धा है जो कभी प्रत्यक्ष युद्ध मे भाग तो नही लेता पर अपने झूठ अफ़वाह जैसे महाअस्त्रो और बयान को तोड़ मरोड़ देने वाले ब्रह्मास्त्र से किसी भी योद्धा को मैदान मे उतरने से पहले ही परास्त कर सकता है। इसकी कपटी चालो का किसी के पास कोई तोड़ नही और इसे शिव जी से वरदान प्राप्त है कि जब तक इंटरनेट नामक महाशक्ती राज्य के गरीब से गरीब व्यक्ति को न मिल जाये तब तक इसे कोई नही हरा पायेगा और जिस दिन ऐसा होगा उस दिन यह स्वतः ही भस्म हो जायेगा। हमारे प्यारे बाबा और अन्ना हम इससे बचने का आपको एक उपाय बता देते हैं। सोनिया जी की तरह आप कभी कोई बयान देना ही नही वरन घटिया बयानो के लिये दिग्गी जी और अच्छे बयानो के लिये प्रनव जी सरीखे अपने कार्यकर्ता खड़े कर देना सारे अच्छे बयानो का श्रेय आपको जायेगा, और आपके समस्त घटिया बयानो का जहर दिग्गी जी टाईप के कार्यकर्ता पचा जायेगे आप पर आंच भी न आयेगी।
हमारे प्यारे बाबा और अन्ना जी हम कब से बेकरार हैं कि आप दोनों आयें और देश की गरीब जनता को तीन रूपये किलो मे पतंजली का च्वय्नप्राश गरीबो को भोजन खिलाये। वैसे एक बात कहें हम आपको हमारे नजदीक आने देने के खयाल से हमारी मां के दिल मे बेचैनी सी होने लगती है। हमारी इटली माता कहती हैं कि इस स्वामी अन्ना ने आज तक देश सेवा मे किया क्या है महंगी टिकट बेच योग नही योगा सिखाना महंगे दामो मे दवाई बेचना। हमसे वे पूछती है कि इस अन्ना ने आज तक जन सेवा का काम कौन सा किया है, जन सेवा के नाम पर मात्र जनता को गुमराह किया हैं। वे यह भी कहती है इसने जीवन मे जितने मरीज ठीक किये हैं, उससे ज्यादा तो किसी भी जिले के सरकारी हस्पताल का डाक्टर भी कर चुका होगा। खाली भूल चुके भारतीयो को उनके इतिहास और विद्या से परिचित कराया और बेकुसूर लोगो को लाठियां खिलाया है इसने । पर हम साफ़ साफ़ उनसे कहते हैं... हे मां इन पाखंडवो से तो अटल जी जैसा यह ब्रह्मचारी ही क्या बुरा है इसके भट्टाचार्य जैसा कोई दत्तक दामाद भी नही है खाली भाई व परिवार वगेरह हैं पर वे भी कितना खा लेंगे पहले ही हजारो करोड़ बिखरा पड़ा है।
प्यारे बाबा और अन्ना जवाहर लाल से मनमोहन तक आज तक हमें कोई युवा न मिला है। राहुल बाबा तो फ़्रेम मे नजर ही नही आते हैं वे तो करण जौहर जैसे बैचलर ही रहेंगे ऐसा लगता है। पर आप मुझ तक पहुंचने से पहले यह याद रखें बाबा मेरे स्वयं वर का धनुष तोड़ते ही योद्धा राजीव गांधी की तरह शापित हो जाता है। और तो और मेरे आलिंगन मे बिंध सुरा का मद आम आदमी की कौन कहे बाबाओ व बड़े-बड़े समाजसेविको तक को उड़ा ले जाता है। मेरे आलिंगन मे बंध जो संयम रख सके जो निर्मोही हो और जो स्वामी हो न कि दास हो जाये ऐसे आदमी को ही भारत की जनता कालजयी स्नेह प्रदान करती है। जो राजधर्म का पालन करे और स्वयं का नुकसान होने पर भी अधर्म का साथ न दे वही मेरा चिर प्रियतम हो सकता है। प्यारे बाबा व अन्ना पाखंडवो से ग्रसित भारत की जनता सहज ही टोल फ़्री नंबर पर मिस्ड काल कर आपके ध्वज तले युद्ध करने आती है संताप इतना है कि मिस्र की भाती परिणाम की चिंता भी नही है। पर मै यह भी सोचती हूं जो परिणाम इन पाखंडवो ने दिये हैं उससे बुरे तो आप चाह कर भी नही दे सकते... यही सोच आपकी प्रतीक्षा मे रत…!
आपकी हो सकने वाली
☾सत्ता सुंदरी☽
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