जिस्म मिट जाने से
कब हस्तियां मिटा करती है।
जज्बा रहे कायम तो
मंजिले भी मिला करती है।
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घुट घुट कर जीने से अच्छा है
…कि कुछ कर गुजर जाएं
देश की खातिर मरने वालो
की ही हस्ती रहा करती है।
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मुर्दा सोच अभी तक लदी है,
तो ही ऐसे हुक्मरान चुना करती है।
उठो कि ललकारा है वक्त ने
इसीलिए भारत में मांए संतान जना करती है।
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